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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा ज्ञानवापी केस, CJI बोले- 'पेपर पढ़ने के बाद ही लूंगा निर्णय'

ज्ञानवापी मस्जिद परिसर सर्वे का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एन वी रमना ने कहा कि पेपर की जांच करने के बाद ही कोर्ट किसी फैसले पर निर्णय लेगा।

नई दिल्ली: बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर सर्वे का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। एक याचिका लगाकर सुप्रीम कोर्ट से मस्जिद में होने वाले सर्वे पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एन वी रमना ने कहा कि पेपर की जांच करने के बाद ही कोर्ट किसी फैसले पर निर्णय लेगा। इस मामले को SC में अगले हफ्ते सुनवाई के लिए रखा जा सकता है। गौरतलब है कि इस मामले को लेकर वाराणसी सिविल कोर्ट ने कमिश्नर को ज्ञानवापी मस्जिद में दोबारा सर्वे का आदेश दिया। साध ही  दो अन्य वकीलों को इनकी सहायता का आदेश दिया है।

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सिविल कोर्ट ने 17 तारीख तक मांगी रिपोर्ट

ज्ञानवापी मामले में वाराणसी की लोअर कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को गुरूवार को जोरदार झटका दिया था। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ-साफ कहा था कि ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे से कमिश्नर को हटाने से इंकार कर दिया था। साथ ही इसी महीने की 17 तारीख तक अदालत में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने इस कार्य में बाधा डालने वाले के साथ सख्ती से निपटने का आदेश भी दिया।   

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

वाराणसी की अदालत के इस आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मस्जिद कमेटी के वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने अपनी याचिका में कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे मामले में कृपा कर यथास्थिति बनाए रखें। याचिका पर सुनवाई करने से पहले SC के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस एनवी रमना ने कहा कि इस मामले में मुझे कुछ भी पता नहीं है। इसलिए पहले मुझे इस केस से जुड़े कागज को पढ़ लेने दिजिए उसके बाद ही मैं कोई आदेश दे सकता हूं। 

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क्या है ज्ञानवापी के अंदर

ज्ञानवापी मस्जिद कमेटी की तरफ से आज सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की गई है कि मस्जिद के सर्वे पर रोक लगाई जाए। वहीं, वाराणसी की निचली अदालत ने मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया है। सर्वे में यह जानने की कोशिश की जाएगी की मस्जिद के अंदर क्या है। 

CJI ने फिलहाल कुछ भी कहने से किया इंकार

मस्जिद कमेटी के वकील हुफैजा अहमदी ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि सर्वे पर फौरन रोक लगाई जाए। अहमदी ने आगे कहा कि प्लेसेस ऑफ वरशिप एक्ट यानी धार्मिक स्थल कानून के मुताबिक जो धार्मिक स्थल 1947 में जैसा था। उस समय जिस तरह से प्रार्थना हो रही थी । उसे बदला नहीं जा सकता। 

ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर चीफ जस्टिस ने कही ये बात 

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमना ने कहा कि अभी तो यह मामला मेरे पास आया है और इसके बारे में मुझे कुछ भी पता नहीं है तो मैं इस मामले के पेपर के पढ़ कर समझ नहीं लेता मैं मामले पर आदेश नहीं देने वाला हूं और इसे पढ़ने के बाद ही मामले पर सुनवाई भी करूंगा। 

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