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चंद्रमा पर स्पेस स्टेशन बनाना क्यों है बहुत मुश्किल काम

यह काम आज भी इतना ज्यादा मुश्किल क्यों है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा अब अंतरिक्ष में लंबे अभियानों को ध्यान में रखते हुए काम करेगी।

सांकेतिक तस्वीर

नई दिल्ली:- चंद्रमा  पर पांच दशक पहले इंसान आखिरी बार भेजा गया था इसके बाद विज्ञान ने बहुत ज्यादा तरक्की कर ली है मंगल  तक रोवर भेज दिए हैं, लेकिन तमाम एजेंसी चंद्रमा को नजरअंदाज करती सी ही दिखीं ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर चंद्रमा पर स्पेस स्टेशन क्यों नहीं बनाया जा रहा है। यह काम आज भी इतना ज्यादा मुश्किल क्यों है।अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा अब अंतरिक्ष में लंबे अभियानों को ध्यान में रखते हुए काम करेगी ।

यह फैसला उसने तब से लिया जब से वह मंगल पर अपने मानव अभियानों की तैयारी कर रही है इसी को ध्यान में रख कर नासा ने अपने आर्टिमिस अभियान का नियोजन किया है अंतरिक्ष में भी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का खासा महत्व है चीन का अपना स्पेस स्टेशन भी तैयार है और रूस भी पांच साल में खुद का स्पेस स्टेशन लॉन्च कर सकता है ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर स्पेस एजेंसियां चंद्रमा पर स्पेस स्टेशन स्थापित क्यों नहीं कर रही हैं ।

 उपयोगी हो सकता है स्टेशन

चंद्रमा पर स्पेस स्टेशन बहुत उपयोगी हो सकता है. यह भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है यह पृथ्वी से दूर आने जाने वाली यात्राओं के उपयोगी पड़ाव हो सकता है जिसमें सौरमंडल या मिल्की वे गैलेक्सी में ही सुदूर यात्रा का मकसद हो इतना ही नहीं हम चंद्रमा पर भी ज्यादा लोग नहीं भेज सकते हैं 1969 से लेकर 1972 के  बीच 12 लोग ही चंद्रमा पर जा सके और इसके बाद किसी तरह का प्रयास ही नहीं किया गया ।

 इतना शक्तिशाली रॉकेट नहीं

चंद्रमा पर भेजे गए यात्रियों के लिए उपयोग में लाया गया रॉकेट सैटर्न 5 बहुत ही शक्तिशाली था जिसका अब उत्पादन ही नहीं होता है इसका अर्थ यही हुआ है कि फिलहाल हमारे पास दुनिया में कहीं भी इतना शक्तिशाली रॉकेट नहीं है जो लोगों को चंद्रमा तक पहुंचा सके,  स्पेस स्टेशन तो बहुत दूर की बात है।

 निर्माण होने लगा है शक्तिशाली रॉकेट

अब इस तरह के शक्तिशाली रॉकेट का निर्माण शुरू हो गया है स्पेस एक्स कंपनी ऐसी क्षमता वाले शक्तिशाली रॉकेट का निर्माण कर रहा है जो चंद्रमा पर लोगों को पहुंचा सके नासा भी अपने आर्टिमिस अभियान के लिए खास एसएलएस रॉकेट तैयार कर रहा है जिसका परीक्षण इसी साल होगा जिससे सा 2025 के आसपास वह आर्टिमिस अभियान के तहत अलगा पुरुष और एक महिला को चंद्रमा पर भेजेगा।

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