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5G टेक्नोलॉजी से आखिर एयरोप्लेन को ,कैसे हुआ खतरा जानिये।

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नई दिल्ली:- माना जा रहा है कि अगर 5जी तकनीक लागू हुई तो फिर करीब 1100 फ्लाइट की उड़ान रद्द हो सकती हैं।अमेरिका की तमाम बड़ी एयरलाइन्स ने बाइडन प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और इसे कुछ समय के लिए टालने का अनुरोध किया है।

अमेरिका के एयरपोर्ट्स  पर बुधवार से 5G मोबाइल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की शुरुआत हो रही है। ऐसे में आज एअर इंडिया  की उड़ानें अमेरिका नहीं जाएंगी। एयर इंडिया ने दिल्ली-न्यूयॉर्क,दिल्ली-सेन फ्रांसिस्को, दिल्ली-शिकागो, मुंबई-न्यू जर्सी की फ्लाइट कैंसिल कर दी हैं। 5G से विमानों होने वाली दिक्कत के चलते एयर इंडिया ने फ़्लाइटों का समय बदला साथ ही विमान भी बदले जाएंगे केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पहले ही 5G को लेकर लेटर लिख दिया गया था। आइए समझते हैं

आखिर 5G टेक्नोलॉजी से फ्लाइट्स का कैसा खतरा होता है। 

5जी टेक्नोलॉजी से एयरलाइन्स की फ्रीक्वेंसी में बाधा आने की आशंका है। इसे लेकर करीब 10 एयरलाइन्स कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सरकार को लेटर लिखा है इसके अनुसार,एयरलाइन्स और टेलीकम्युनिकेशन इंडस्ट्री के बीच बातचीत चल रही है इस बातचीत के बाद ही 5जी तकनीक को शुरू करने को कुछ दिनों के लिए टाला गया था हालांकि,अब वह समय इसी हफ्ते पूरा हो रहा है ।

 क्या कहती हैं एयरलाइंस कंपनियां

1- एविएशन एक्यूपमेंट में जरूरी अपग्रेड या बदलाव के बिना अगर 5G को अमल में लाया गया तो बहुत       बड़ा हादसा हो सकता है

2- 5G टेक्नोलॉजी की वजह से प्लेन के ऑल्टीट्यूड (ऊंचाई) को नापने की क्षमता प्रभावित हो सकती है

3- एयरपोर्ट के आसपास 5G टेक्नोलॉजी की वजह से खतरनाक परेशानियां हो सकती हैं

4- इसे देखते हुए 5G टेक्नोलॉजी को रनवे से दो मील की दूरी पर ही रखा जाए

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एविएशन रेगुलेटर FAA ने कहा कि उसने कुछ 5G वाले इलाके के भीतर ट्रॉसपॉन्डर को काम करने की छूट दी है 5G के C-बैंड से प्रभावित होने वाले 88 एयरपोर्ट में से 48 के पास नई तकनीक को हरी झंडी दी गई है एयरलाइंस को चिंता है कि इन एयरपोर्ट में अनसर्टिफाइड इक्विपमेंट से हजारों उड़ाने ठप हो सकती हैं यूनाइडेट एयरलाइंस ने सोमवार को कहा कि मौजूदा 5G वायरलेस के कारण सालभर में 15,000 उड़ानें और 12.5 लाख यात्री प्रभावित होंगे ।

 

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