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पहली बार वैज्ञानिकों ने रीयल टाइम में तारे को फटते देखा, इतना बड़ा विस्फोट देख चकित

ये विस्फोट कुछ हल्का या कमजोर होगा। लेकिन यह उनकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा भयानक था. इसके बाद यह सुपरनोवा में बदल गया, जिसकी रोशनी और चमक दोनों ही बहुत ज्यादा खतरनाक थी

नई दिल्ली:- पहली बार वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में किसी तारे को रीयल टाइम में फटते हुए देखा और उसे रिकॉर्ड किया। शोधकर्ताओं को उम्मीद थी कि ये विस्फोट कुछ हल्का या कमजोर होगा। लेकिन यह उनकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा भयानक था। इसके बाद यह सुपरनोवा में बदल गया, जिसकी रोशनी और चमक दोनों ही बहुत ज्यादा खतरनाक थी

एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित हुई सुपरजायंट तारा।

रीयल टाइम में खुद के फटने का नजारा दिखाने वाले रेड सुपरजायंट तारे का नाम है यह धरती से करीब 12 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है। इसके विस्फोट से करीब 100 दिन पहले से वैज्ञानिक लगातार इस पर नजर रख रहे थे।क्योंकि इसकी गतिविधियां बता रही थीं कि ये किसी भी समय फट सकता है।इस तारे के विस्फोट के बारे में हाल ही में एक स्टडी एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित हुई है।

 मरने से पहले कोई तारा किस तरह की गतिविधियां करता है।

वैज्ञानिकों ने देखा कि तारे की चमक धीरे-धीरे बढ़ती जा रही थी फिर एक दिन इसके उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ एक भयानक विस्फोट हुआ. हमारे सूरज में होने वाले विस्फोट से कई गुना ज्यादा भयावह. इसके बाद यह तारा गैस के चमकीले गुबार वाले सुपरनोवा में बदल गया । 

 तारे के फटने से पहले होने वाली गतिविधियों को वैज्ञानिक प्री-सुपरनोवा पाइरोटेक्नीक   कहते हैं। इस प्रक्रिया में तारे में कई तरह के विस्फोट शुरु हो जाते हैं। अलग-अलग जगहों से लपटें और चमक निकलने लगती है। लेकिन जब इसके ऊपरी हिस्से में विस्फोट हुआ तब यह रेड सुपरजायंट अचानक ही गैस के गुबार में तब्दील हो गया। इसके बाद कोई विस्फोट नहीं ।

बर्कले स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के शोधकर्ता विन जैकबसन गालन ने कहा कि यह हमारे लिए बड़ी बात थी कि हमने किसी तारे के विस्फोट को रीयल टाइम में देखा. हमें यह पता चला कि मरने से पहले कोई तारा किस तरह की गतिविधियां करता है। हमने उसके स्टडी की जो कि भविष्य में बाकी वैज्ञानिकों के काम आएगी ।

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