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किसान संगठनों के भारत बंद से Delhi-NCR में ट्रैफिक पर असर

40 से अधिक किसान यूनियनों का एक संगठन संयुक्त किसान मोर्चा आज सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक भारत बंद की अगुवाई कर रहा है।

कृषि कानूनों का विरोध करते आंदोलनकारी किसान (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: किसान संगठनों ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर अपने लंबे विरोध आंदोलन के हिस्से के रूप में आज "भारत बंद" की अपील की है। किसान संगठनों का कहना है कि इन कानूनों से प्राइवेट कंपनियों को कृषि क्षेत्र पर कब्जा करने की ताकत मिल जाएगी।

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने रविवार को कहा था कि किसान 10 साल तक विरोध करने को तैयार हैं, लेकिन 'काले' कानूनों को लागू नहीं होने देंगे। टिकैत ने पानीपत में एक किसान सभा में कहा, "इस आंदोलन को 10 महीने हो गए हैं। सरकार अपने कान खोलकर सुन ले कि अगर हमें 10 साल तक आंदोलन करना पड़े तो भी हम तैयार हैं।"

40 से अधिक किसान यूनियनों का एक संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) आज सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक भारत बंद की अगुवाई कर रहा है। हालांकि एसकेएम ने कहा है कि वे राष्ट्रीय राजमार्गों के कुछ हिस्सों पर आवाजाही की अनुमति नहीं देंगे। आज सुबह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे को गाजीपुर धरना स्थल के पास जाम कर दिया गया। जिससे उत्तर प्रदेश से आने वाला ट्रैफिक प्रभावित हुआ।

एसकेएम ने कहा कि देश भर में सरकारी और निजी कार्यालय, शैक्षणिक और अन्य संस्थान, दुकानें, उद्योग और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने की अपील की गई है। एसकेएम ने ये भी कहा है कि आपातकालीन सेवाएं बंद से प्रभावित नहीं होंगी।

 

किसानों ने पंजाब और हरियाणा के बीच के शंभू बॉर्डर को भी बंद कर दिया है। हरियाणा पुलिस ने ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए लोगों को तैयार रहने को कहा है। राज्य पुलिस के एक प्रवक्ता ने रविवार को ही लोगों को सावधान करते हुए कहा था, "आशंका है कि आंदोलनकारी किसान सड़कों और राजमार्गों पर धरने पर बैठ सकते हैं और उन्हें कुछ समय के लिए रोक सकते हैं। हरियाणा में राष्ट्रीय और राज्य के राजमार्गों पर कई घंटों तक यातायात में बाधा आ सकती है।"

पंजाब में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी कार्यकर्ताओं से किसानों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने को कहा है। सिद्धू ने ट्वीट करके कहा, “पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी 27 सितंबर, 2021 को भारत बंद के लिए किसान यूनियनों की अपील के साथ मजबूती से खड़ी है। सही और गलत की लड़ाई में आप तटस्थ नहीं रह सकते।” 

 

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी कहा कि वह एक शांतिपूर्ण "भारत बंद" का समर्थन करेंगी। मायावती ने कहा, "देश के किसान केंद्र सरकार द्वारा जल्दबाजी में लाए गए तीन कृषि कानूनों का समर्थन नहीं करते हैं और इससे दुखी हैं। वे पिछले 10 महीनों से देश में खासकर दिल्ली के आसपास विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।"

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