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चन्नी के शपथ लेने से पहले ही पंजाब कांग्रेस में असंतोष उभरा

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने एक ट्विट करके कहा कि चन्नी के CM पद की शपथ लेने के दिन ही हरीश रावत ने बयान दिया कि आगामी चुनाव नवजोत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में लड़े जाएंगे। ये बयान चौंकाने वाला है।

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने अब असंतोष का बिगुल फूंका.

नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के शपथ लेने से पहले ही पंजाब कांग्रेस में असंतोष एक बार फिर से उभर कर सामने आ गया है। पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस बार असंतोष का बिगुल फूंका है। इसी बीच सुनील जाखड़ के भतीजे और पंजाब किसान आयोग के अध्यक्ष अजयवीर जाखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस के वर्तमान राज्य अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और प्रताप बाजवा के साथ जाखड़ को भी पंजाब के नए CM की दौड़ में शामिल माना जा रहा था। जबकि बाजी चरणजीत सिंह चन्नी के हाथ लगी। जिनका नाम कहीं भी चर्चा में नहीं था।

सुनील जाखड़ ने एक ट्विट करके कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दिन ही हरीश रावत ने बयान दिया कि आगामी चुनाव नवजोत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में लड़े जाएंगे। ये बयान चौंकाने वाला है। ये न केवल मुख्यमंत्री के अधिकार को कमजोर करने वाला है बल्कि यह उनके चयन के सबसे जरूरी कारण को ही नकारता है।

उल्लेखनीय है कि चरणजीत सिंह चन्नी आज 11 बजे पंजाब के CM  पद की शपथ लेंगे। उनके साथ 2 उप मुख्यमंत्री भी नए मंत्रिमंडल में शामिल होंगे। चमकौर साहिब विधानसभा से तीसरी बार विधायक बने दलित नेता चन्नी ने कांग्रेस के भीतर तेजी से अपना ऊंचा मुकाम बनाया है। कांग्रेस पार्टी के पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने रविवार को कहा कि राज्य में दो उपमुख्यमंत्री होंगे। एक उपमुख्यमंत्री जाट सिख समुदाय से होगा और दूसरा हिंदू समुदाय से होगा।   

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कांग्रेस नेताओं के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह में भीड़ कम होगी और केवल 40 लोगों के शामिल होने की योजना है। अमरिंदर सिंह ने शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। क्योंकि उनके और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच महीनों से खींचतान चल रही थी। कैप्टन के इस्तीफे की योजना अमरिंदर सिंह और सिद्धू खेमे के बीच की कलह को कम करने के लिए बनाई गई थी।  

चन्नी अमरिंदर सिंह के मंत्रिमंडल में तकनीकी शिक्षा मंत्री थे। चन्नी को सर्वसम्मति से पंजाब के कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता के रूप में चुना गया। कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद अब चन्नी अगले मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के लिए तैयार हैं।  

चन्नी के सामने सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस के भीतर लगातार चल रही अंदरूनी कलह को खत्म करने की  होगी। अमरिंदर सिंह के जाने के बाद भी कांग्रेस में कलह के कम होने की संभावना नहीं है। राज्य के आगामी चुनाव में सत्ता बनाए रखने की कोशिश कर रही पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।  

पंजाब में कांग्रेस ने दलित सीएम का कार्ड खेलकर फिलहाल बढ़त बना ली है क्योंकि सूबे में 32 फीसद से ज्यादा दलित वोटर हैं। अगले साल होने विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है।  

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