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Home Isolation में कैसे रखें खुद का ख्याल, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी गाइडलाइंस

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की नई गाइडलाइंस को जारी किया है। इसमें मरीजों के लिए नए नियम बताए गए हैं।

फाइल फोटो

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच कोविड-19 माइल्ड सिम्पटम्स वाले मरीज और बिना लक्षण वाले मरीज अपने घर में सेल्फ आइसोलेशन में रह सकते हैं। इसके लिए सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी किया है। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों और कोविड की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने गाइडलाइंस दी है।

गाइडलाइंस के मुताबिक, होम आइसोलेशन के तहत रोगी को छुट्टी दे दी जाएगी और कम से कम 7 दिन पॉजिटिव पाए ना जाने और लगातार 3 दिनों तक बुखार नहीं होने के बाद आइसोलेशन खत्म हो जाएगा। होम आइसोलेशन का समय समाप्त होने के बाद फिर से जांच कराने की कोई जरुरत नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले 9 दिनों में देश में कोरोना के मामले 6 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। ऑमिक्रोन वेरिएंट के मामले तीन दिनों में डबल हो रहा है। लोग अस्पताल की ओर कम रूख करें। इसके लिए नया होम आइसोलेशन गाइडलाइन जरूरी है।

क्या हैं होम आइसोलेशन के नए नियम

1- जांच में कोरोना पॉजिटिव पाए गए लोगों को होम आइसोलेशन में रहना होगा। ऐसे मरीजों के परिजनों को जिला या सब डिविजन लेवल के कंट्रोल रूम का नंबर दिया जाना चाहिए ताकि वो मरीज के इलाज के लिए गाइडलाइंस प्राप्त कर सकें।
2- बुजुर्ग मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर होम आइसोलेशन की अनुमति दी जाएगी। हल्के लक्षण वाले मरीज घर पर रहेंगे। इसके लिए प्रॉपर वेंटिलेशन रहना जरूरी है।
3- मरीज को ट्रिपल लेयर मास्क पहनने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, मरीज को ज्यादा से ज्यादा लिक्विड लेने की सलाह दी गई है।
4- मरीज लगातार साबुन से हाथ धोएं या फिर सैनेटाइजर से हाथ साफ करते रहें। इसके अलावा शारीरिक गतिविधियों का पूरा ध्यान रखें।
5- मरीज अपने निजी सामान किसी दूसरे के साथ शेयर नहीं करें।
6- केंद्र ने मरीजों को हेल्थ मॉनिटरिंग चार्ट भी मेंटेन करने को कहा है। तारीख और समय के साथ, शरीर का तापमान, हार्ट रेट, ऑक्सीजन लेवल और सांस लेने को लेकर स्थिति के बारे में लिखने की सलाह दी गई है।

मरीज की देखभाल करने वाले ध्यान में रखें ये बातें

1-मरीज के पास जाने से पहले मास्क पहन लें, मास्क को छुए नहीं।
2-मरीज के कमरे से बाहर निकलने के बाद मास्क को डिब्बाबंद डस्टबिन में फेंक दें।
3-हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, नियमित हाथ धोते रहें।
4-मरीज की किसी छुई हुई चीज को सावधानी से छुएं या साफ करें।
5-मरीज को छींके या खांसी आ रही है तो उनसे दूर रहें।

जिला प्रशासन एक्टिव करें अपने कंट्रोल रूम

होम आइसोलेशन की नई गाइडलाइन को प्रभावी रूप से अमल में लाने को लेकर राज्यों को कंट्रोल रूम दुरुस्त रखने को कहा गया है। कंट्रोल रूम का काम ये होगा कि राज्य इसके जरिए सही तरीके से मॉनिटरिंग कर पाएं और जब उस मरीज की तबीयत बिगड़े और उसे होम आइसोलेशन से अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़े तो ऐसे हालात में एंबुलेंस, टेस्टिंग से लेकर अस्पताल में बेड आसानी से मिल पाए।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कोरोना के 80% मरीजों में मामूली, जबकि 20% में गंभीर लक्षण होते हैं। इन 20% मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में भर्ती केवल 5% को ICU में शिफ्ट किया जाता है।

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