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पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे में हो सकते हैं कई अहम फैसले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देने के साथ ही क्वाड की बैठक में हिस्सा लेंगे। मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से कई ताजा मुद्दों पर बात करेंगे।

पीएम नरेन्‍द्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए SCO कौंसिल की 21वीं बैठक को संबोधित करते हुए. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बार की 3 दिवसीय अमेरिका यात्रा कई मायनों में खास होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ बैठक करेंगे। पीएम मोदी न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित करेंगे।

अमेरिकी और भारतीय राजनयिक मामलों के जानकार लोगों के मुताबिक मोदी अमेरिका की सबसे बड़ी पांच कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) के साथ भी मुलाकात करेंगे। जबकि पीएम मोदी की यात्रा का सबसे बड़ा एजेंडा 24 सितंबर को क्वाड नेताओं के साथ बैठक है। जिसमें मोदी, जापानी पीएम योशीहिदे सुगा और ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन की मेजबानी व्हाइट हाउस में जो बिडेन करने वाले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति उसी दिन मेहमानों के सम्मान में एक भव्य रात्रिभोज की मेजबानी भी करेंगे।

मोदी के 23 सितंबर को शीर्ष अमेरिकी कंपनियों के पांच मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) के साथ मिलने का भी कार्यक्रम है। एप्पल के सीईओ टिम कुक के उन पांच लोगों में से एक होने की उम्मीद है, जो भारतीय पीएम से मुलाकात करेंगे। वाशिंगटन में अन्य नामों को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है। उसी दिन पीएम मोदी की सुगा और मॉरिसन के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी होंगी। जो बिडेन के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद पीएम मोदी की उनसे ये पहली मुलाकात होगी।

जबकि कमला हैरिस के साथ उनकी ये पहली व्यक्तिगत मुलाकात होगी। 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में अमेरिका की अपनी पहली यात्रा पर मोदी इससे पहले भी जो बिडेन से मिल चुके हैं। तब बिडेन राष्ट्रपति बराक ओबामा के शासन में उप राष्ट्रपति थे। पीएम मोदी के क्वाड डिनर के तुरंत बाद न्यूयॉर्क से रवाना हो जाने की उम्मीद है।

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एयर इंडिया ने इस्लामाबाद से पीएम मोदी के एयर इंडिया वन जेट को गुजरने की अनुमति मांगी है। जबकि विमान के पास पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से हटकर भी वाशिंगटन के लिए सीधी उड़ान भरने के लिए पर्याप्त ईंधन क्षमता है।
 

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