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यति नरसिंहानंद बने जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर

गाजियाबाद के डासना मंदिर के अध्यक्ष यति नरसिंहानंद को जूना अखाड़ा का महामंडलेश्वर बनाया गया। जूना आखाड़े के आचार्य स्वामी अवधेशानंद गिरी ने उन्हें महामंडलेश्वर घोषित किया।

तस्वीर: ट्विटर

नई दिल्लीः गाजियाबाद के डासना मंदिर के अध्यक्ष यति नरसिंहानंद सवरस्वती बुधवार को श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर बनाए गए। गुरु परंपरा के अनुसार जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत हरिगिरि महाराज ने यति नरसिंहानंद को संन्यास दीक्षा देकर अपना शिष्य बनाया। इसके बाद से  उन्हें यति  नरसिंहानंद गिरि नाम मिल गया।

अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने यति नरसिंहानंद के महामंडलेश्वर बनने के संपूर्ण विधि विधान पूरा होने के बाद उन्हें महामंडलेश्वर घोषित किया। यह घोषणा सुबह 6:30 बजे ब्रह्म मुहूर्त में की गई।

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संन्यास धारण करने से पहले दीपक त्यागी नाम था

यति नरसिंहानंद का जन्म 2 मार्च 1963 को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हुआ था। जन्म के बाद उनका नाम दीपक त्यागी रखा गया। उनके पिता रक्षा मंत्रालय में कार्यरत थे। लेकिन भारत की आजादी से पहले वो कांग्रेस में थे। उनकी मां एक ग्रहणी थी। यति नरसिंहानंद ने अपनी पढ़ाई लिखाई रूस में की, फिर मॅास्को से उन्होंने मॅास्को इंस्टिट्यूट ऑफ केमिकल मशीन बिल्डिंग में मास्टर की डिग्री ली और वहां इंजीनियर के तौर पर नौकरी की। फिर 1997 में वे भारत लौट आए उन्होंने अपना हाथ राजनीति में भी आजमाया। हिंदू धर्म को लेकर काफी जागरूक रहे और धर्म का प्रचार प्रसार भी करते रहे। काफी बार अपने बयानबाजी को लेकर विवादों में भी घिरे रहे। 

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2019 में विवादित बयान पर दर्ज हुआ था केस

अक्टूबर 2019 में कमलेश तिवारी की हत्या के बाद उनके घर पर शोक व्यक्त करने पहुंचे यति दौरान नरसिंहा नंद सरस्वती ने धर्म विशेष के खिलाफ टिप्पणी करते हुए धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला भाषण दिया था। इस दौरान उत्तर प्रदेश की पुलिस ने उन्हें ऐसा नहीं करने को कहा था और विवादित भाषण देने से रोकने की कोशिश भी की लेकिन वह नहीं माने थे। जिसके बाद एसपी एलआर कुमार के निर्देश पर सोमवार को कोतवाली पुलिस ने नरसिंहा नंद सरस्वती व उनके कुछ अज्ञात समर्थकों के खिलाफ धारा 295 ए, 298 व 504 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया था।

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अवधेशानंद गिरी ने किया महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक

दीक्षा समारोह में श्री महंत प्रेम गिरी अध्यक्ष सभापति जूना अखाड़ा, श्री महंत नारायण गिरि, उमाशंकर भारती, श्री महंत केदार पुरी मौजूद रहे। संन्यास दीक्षा लेने के बाद यति नरसिंहानंद को जूना अखाड़ा का महामंडलेश्वर बनाया गया। जूना अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी अवधेशानंद गिरि ने हरिहर आश्रम में सुबह 6:30 बजे  ब्रह्म मुहूर्त में महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक कर यति नरसिंहानंद के महामंडलेश्वर बनाए जाने की घोषणा की।

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