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दो करोड़ के पार हुआ दिल्ली में वैक्सीनेशन का कुल आंकड़ा

कोरोना महामारी से लड़ने के लिए लोगों ने कोरोना वैक्सीन अभियान को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। दिल्ली में लोगों ने 2 करोड़ के वैक्सीनेशन के आंकड़ों को पूरा किया।

सांकेतिक चित्र

नई दिल्लीः कोरोना वेश्विक महामारी से लड़ने के लिए भारत के लोगों ने कोरोना वैक्सीन अभियान को पूरा करने में अपना अमूल्य योगदान दिया है। देश भर में अभी तक 100 करोड़ लोगों ने वैक्सीनेशन के आंकड़ों  को पूरा किया है। वहीं मीडिया रिपोर्टस के अनुसार देश की राजधानी दिल्ली में 2 करोड़ लोगो ने अपने वैक्सीनेशन की डोज को पूरा किया है। दिल्ली में 23 अक्टूबर तक कुल 2,00,46,782 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। इनमें से कुल 1,28,93,327 पहली डोज और कुल 71,53,455 दूसरी डोज लोगों ने लगवाई है।

दिल्ली में 18 वर्ष से ऊपर के 1.5 करोड़ लोगों ने कुल 37,05,501 वैक्सीन के डोज को लगवाया है। वहीं 45 साल से अधिक वर्ष के लोगों ने कुल 28,35,445 वैक्सीन के डोज को लगवाया है। इस हिसाब से दिल्ली की आबादी को 85.95% कोरोना का पहला जबकि 47.68% को दोनों टीके लग चुके हैं।

पहली डोज

  • हेल्थ केयर वर्कर्स- 2,61,164
  • फ्रंट लाइन वर्कर्स- 4,43,969
  • 18-44 साल- 81,41,748
  • 45+ - 40,46,446

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दूसरी डोज

  • हेल्थ केयर वर्कर्स- 2,29,807
  • फ्रंट लाइन वर्कर्स- 3,82,702
  • 18-44 साल- 37,05,501
  • 45+ - 28,35,445​​​​​

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दिल्ली में उपलब्ध है वैक्सीन

 24 अक्टूबर सुबह 8 बजे तक दिल्ली के पास अभी कुल 29,91,070 डोज वैक्सीन है। इसमें से कुल 27,24,150 डोज कोविशील्ड की और कुल 2,66,920 डोज को-वैक्सीन की है।

भारत के वैक्सीनेशन प्रोग्राम की तुलना दुनिया के दूसरे देशों सेः नरेंद्र मोदी

दुनिया के दूसरे बड़े देशों के लिए वैक्सीन पर रिसर्च करना, वैक्सीन खोजना, इसमें दशकों से उनकी विशेषज्ञता थी। भारत, अधिकतर इन देशों की बनाई वैक्सीन्स पर ही निर्भर रहता था। आज कई लोग भारत के वैक्सीनेशन प्रोग्राम की तुलना दुनिया के दूसरे देशों से कर रहे हैं। भारत ने जिस तेजी से 100 करोड़ का, 1 बिलियन का आंकड़ा पार किया, उसकी सराहना भी हो रही है। लेकिन  इस विश्लेषण में एक बात अक्सर छूट जाती है कि हमने ये शुरुआत कहां से की है। भारत का पूरा वैक्सीनेशन प्रोग्राम विज्ञान की कोख में जन्मा है, वैज्ञानिक आधारों पर पनपा है और वैज्ञानिक तरीकों से चारों दिशाओं में पहुंचा है।  

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