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सम्राट अशोक की विलुप्त गाथा को जीवंत करने की कवायद

अशोक के साम्राज्य और मंदार पर्वत के नीचे दबे अमृत का रहस्य जानने के लिए , नीतीश सरकार का सबसे बड़ा सर्वे शुरू हो गया है

मंदार पर्वत

नई दिल्ली: बिहार के जिला बांका में चल रहा जीपीआर सर्वेक्षण लगभग पूरा होने के कगार पर है। बांका के अमरपुर प्रखंड के भदरिया गांव में जीपीआर सर्वेक्षण टीम को लगभग  2600 साल पुराने कई अवशेष मिले हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भदरिया गांव को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा भी की थी। बिहार सरकार ने अब बांका और पटना जिलों में कुछ और जगहों पर भी जीपीआर सर्वेक्षण करने के लिए आदेश दिए हैं।

पुरातत्व निदेशालय के निदेशक डॉ. दीपक आनंद ने एक समाचार चैनल को बताया कि, वो अब पटना  में ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार के काम पर भी जोर देंगे ताकि उन्हें वहां से  प्राचीन चीजें मिल सकें। डॉ. आनंद को उम्मीद है कि उन्हें पटना से मगध साम्राज्य और सम्राट अशोक से जुड़ी चीजें मिल सकती हैं।

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मगध साम्राज्य के अवशेष की है खोज 

डॉ. आनंद ने बताया कि उन्हें पटना से मगध साम्राज्य के अवशेष मिलने कि उम्मीद है। आपको बता दे कि, मगध के साम्राज्य ने भारत देश और पड़ोसी देश पर भी 684 BC – 320 BC तक शासन किया।  मगध साम्राज्य का नाम दो महान काव्य रामायण और महाभारत में भी लिखा गया है। मगध साम्राज्य पर तीन राजवंशों ने शासन किया था। पहला हर्यंका राजवंश, दूसरा शिशुनाग राजवंश और तीसरा नन्दा राजवंश था । मगध साम्राज्य पर बिंबिसार, अजातशत्रु, उदयीन, शिशुनाग, महापद्म, धन नन्द जैसे प्रभावी राजाओं ने शासन किया। 

सम्राट अशोक और मौर्य राजवंश के अवशेष 

वैसे तो मौर्य साम्राज्य के बारे में लगभग सभी लोग जानतें हैं। सिर्फ देश ही नहीं विदेश में भी चन्द्रगुप्त मौर्य और चाणक्य (कौटिल्य) का लोग बहुत सम्मान करते हैं। मौर्य राजवंश की स्थापना चन्द्रगुप्त मौर्य ने 321 ईसा पूर्व में की थी। चन्द्रगुप्त मौर्य के बाद भी उनकी 10 पीढ़ियों ने राज किया लेकिन बिन्दुसार मौर्य, सम्राट अशोक महान और शालिसुक मौर्य लोगों के बीच बहुत प्रभावशाली सिद्ध हुए । आपको बता दें कि, भारत के राजचिह्न यानी अशोक चक्र को चक्रवर्ती सम्राट अशोक के सारनाथ स्थित स्तंभ से लिया गया है। पुलिस की वर्दी में लगा चार मुहं का शेर भी स्तंभका ही एक हिस्सा है।  

पर्वत के नीचे दबे अमृत का खुलेगा राज

डॉ. आनंद ने बताया कि, बांका की कुछ जगहों पर अभी भी सर्वेक्षण का काम जारी है। आपको बताते चलें कि, बांका में मंदार पर्वत के आस-पास भी रिसर्च की जा रहा है।  हिंदू पौराणिक कथाओं में मंदार पर्वत के बारे में कई उल्लेख मिलते हैं। यह वही पर्वत है जिसे देवताओं ने समुद्र मंथन से अमृत निकालने के लिए इस्तेमाल किया था। लोगों का मानना है की आज भी मंदार पर्वत के नीचे कुछ अमृत दबा हुआ है। आनंद ने कहा कि भदरिया गांव का पुरातात्विक महत्व हाल ही में तब सामने आया जब यहां पर कुछ प्राचीन ईंटों और ईंटों से बनी संरचनाएं मिलीं।

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