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Narendra Giri Death: 12 बजे ADG (Law & Order) की प्रेस कांफ्रेंस, होगा खुलासा

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले का खुलासा आज हो सकता है। 12 बजे यूपी के ADG (Law & Order) की प्रेस कांफ्रेंस होने जा रही है।

महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले का खुलासा आज हो सकता है.

नई दिल्ली: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले का खुलासा आज हो सकता है। 12 बजे यूपी के ADG (Law & Order) की प्रेस कांफ्रेंस होने जा रही है। इसमें महंत नरेंद्र गिरी की मौत के केस का ऑफिशियल खुलासा होगा। 

उल्लेखनीय है कि महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद आनंद गिरि को गिरफ्तार किया। आनंद गिरि को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया था। एडीजी प्रयागराज ने बताया था कि पूरे मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है। प्रयागराज के बाघम्बरी मठ में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का शव संदिग्ध परिस्थितियों पाए गया था। अभी तक इस बात की जानकारी सामने नहीं आई है कि उन्होंने आत्महत्या की है या फिर उनकी हत्या कर किसी ने उनके शव को फंदे से लटकाया है। 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में महंत नरेंद्र गिरी को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से कहा था कि घटना से जुड़े सभी मामलों का पर्दाफाश किया जाएगा। योगी ने कहा था कि दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों को सजा दिलाई जाएगी। योगी ने कहा कि पुलिस के बड़े अधिकारियों की टीम के नेतृत्व में घटना की जांच की जा रही है। योगी ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी की मौत एक संवेदनशील मामला है और लोगों को इसके बारे में अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए। पुलिस और जांच एजेंसियों को उनका काम करने दिया जाए और जो भी दोषी पाया जाए उसे सजा मिलेगी। 

महंत नरेंद्र गिरी की मौत की निष्पक्ष जांच के लिए सुनील कुमार चौधरी नामक एक व्यक्ति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर कर दी थी। साधु-संत इस मामले की CBI से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। इस बारे में यूपी के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने भी कहा कि अगर जरूरत हुई तो पूरे मामले की CBI जांच कराई जाएगी।   

जबकि उत्तराखंड के हरिद्वार में पुलिस हिरासत में लिए जाने से पहले आनंद गिरी ने एक न्यूज चैनल से कहा था कि उनको फंसाने के लिए एक बड़ी साजिश रची गई है। मेरे गुरु नरेंद्र गिरी ऐसे व्यक्ति नहीं थे, जो सुसाइड कर लें। नरेंद्र गिरी की मौत को हत्या करार देते हुए आनंद गिरी ने इसके पीछे एक बड़ी साजिश होने की बात कही। आनंद गिरी ने कहा कि नरेंद्र गिरी ने अपने जीवन में कभी भी कोई एक पूरा पत्र नहीं लिखा। जबकि कहा जा रहा है कि उन्होंने 6-7 पेज का सुसाइड नोट लिखा है।

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