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मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह जांच के लिए क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे

परमबीर सिंह के खिलाफ बिल्डर विमल अग्रवाल ने गोरेगांव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें सिंह के अलावा बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे भी आरोपी बनाया गया है।

परमबीर सिंह

नई दिल्ली :  मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह 'गोरेगांव कथित रंगदारी मामले' की जांच में शामिल होने के लिए कांदिवली स्थित क्राइम ब्रांच यूनिट 11 के दफ्तर पहुंच गए हैं। सिंह को मुंबई की एक अदालत ने 'फरार' घोषित कर दिया था। वह महाराष्ट्र में रंगदारी वसूलने के कई आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनको सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है। जांच में शामिल होने के लिए मुंबई पहुंचे परमबीर सिंह ने कहा कि मुझे न्यायपालिका में पूरा विश्वास है। 

बिल्डर विमल अग्रवाल ने दर्ज कराई है FIR

परमबीर सिंह के खिलाफ एफआईआर बिल्डर विमल अग्रवाल ने गोरेगांव पुलिस  स्टेशन में दर्ज कराई है। इस मामले में सिंह के अलावा बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे, सुमीत सिंह उर्फ चिंटू, अल्पेश पटेल, विनय सिंह उर्फ बबलू व रियाज भाटी को भी आरोपी बनाया गया है। अग्रवाल की शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने उससे रेस्टोरेंट पर छापेमारी की कार्रवाई न करने के लिए नौ लाख  रुपये लिए थे। इसके अलावा आरोपियों ने उसे दो लाख 92 हजार रुपये के दो स्मार्टफोन खरीद कर देने के लिए मजबूर किया था। ये घटनाएं जनवरी 2020 से मार्च 2021 के बीच हुईं हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों  के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 384,385 व 34 के खिलाफ मामला दर्ज किया  है।

सचिन वाजे भी है आरोपी

वसूली मामले में फंसे मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह और सचिन वाजे को लेकर व्यापारी बिमल अग्रवाल ने जो खुलासा किया था, उसी मामले में आज क्राइम ब्रांच यूनिट 11 में परमबीर सिंह से पूछताछ हो रही है। ये शिकायत अग्रवाल ने गोरेगांव पुलिस को दी थी। जबकि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की पैरवी कर रहे वकील पुनीत बाली ने एक दिन पहले ही आरोप लगाया है कि उनके मुवक्किल को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ शिकायतों को वापस लेने के लिए धमकाया गया था। 

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सुप्रीम कोर्ट ने दी परमबीर को गिरफ्तारी से सुरक्षा

बाली ने कहा कि परमबीर सिंह से तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ शिकायतों को वापस लेने के लिए कहा गया था। इसके बाद सभी मामलों को सुलझाने का वादा किया गया था। बाली ने कहा कि हमारे तर्कों को सुनकर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और महाराष्ट्र पुलिस को नोटिस भेजा और परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा देने के साथ ही उनको जांच में शामिल होने का निर्देश भी दिया था।

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