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IIT मद्रास के प्रवर्तक फाउंडेशन ने डीप स्पेस टेक्नोलॉजी विकसित करने के लिए बनाया संघ

IIT मद्रास के प्रवर्तक फाउंडेशन के नेतृत्व में स्पेस और डीप स्पेस टेक्नोलॉजी विकसित करने और व्यावसायीकरण के लिए एक संघ बनाया गया है।

फाइल फोटो/आईआईटी मद्रास

नई दिल्ली: IIT मद्रास में पांच स्पेसटेक स्टार्टअप ने तेजी से लांचिंग की क्षमता बढ़ाने, उपग्रह डिजाइन और असेंबली, सेंसर, भविष्य की पीढ़ी के संचार जैसे 6G,उपग्रहों की सुरक्षा, ग्राउंड स्टेशनों, डेटा प्रोसेसिंग, संचार सहित भू-स्थानिक अनुप्रयोग की स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के निर्माण के लिए एक संघ बनाने के लिए हाथ मिलाया है। इस संघ को 'भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अनुप्रयोग डिजाइन ब्यूरो' (I-STAC.DB) नाम दिया गया है और यह अगली पीढ़ी के अनुप्रयोगों का विकास करेगा।

I-STAC.DB के प्रमुख और IIT मद्रास के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के हेड प्रोफेसर सत्य चक्रवर्ती ने एक बयान में कहा कि "आज की दुनिया में सहयोग ही मंत्र है। किसी एक कंपनी के लिए स्पेस टेक्नोलॉजी के ग्राहकों के लिए जरूरी सब कुछ करना संभव नहीं है। इस प्रकार यह संघ स्वाभाविक रूप से इस फील्ड की सभी प्रमुख कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।"   

इस समझौते पर हाल ही में एक समझौता ज्ञापन (MoU)पर हस्ताक्षर किए गए थे। I-STAC.DB ने इस प्रयास में शामिल होने के लिए अंतरिक्ष और संबद्ध फील्ड की कंपनियों को आमंत्रित किया है। I-STAC.DB के संस्थापकों में द्रोण वायु प्रा. लिमिटेड (Dron Vayu Pvt. Ltd.), अग्निकुल कॉसमॉस प्रा. लिमिटेड, गैलेक्सआई स्पेस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, माइंडग्रोव टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और रेसिलियो लैब्स एलएलपी. शामिल हैं। ये कंसोर्टियम IIT मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन द्वारा संचालित है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्त पोषित एक सेक्शन 8 कंपनी है। इसे नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर फिजिकल सिस्टम के तहत फंड दिया जाता है और IIT मद्रास इसका होस्ट है।

IIT मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एमजे शंकर रमन ने कहा कि यह उनकी गहरी प्रतिबद्धता और दृढ़ विश्वास का नतीजा है। आईआईटी-एम प्रवर्तक इस मंच के माध्यम से भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए युवा उद्यमियों को जोड़ने के लिए बेहद रोमांचित है। इस संघ का ध्यान हाइपरस्पेक्ट्रल विजन, फोटोग्रामेट्री और सिंथेटिक एपर्चर रडार सेंसर, सेंसर फ्यूजन, एज कंप्यूटिंग पर आधारित ऑनबोर्डिंग प्रोसेसिंग और अंतरिक्ष में डीप लर्निंग और अर्थ ऑब्जरवेशन रिमोट सेंसिंग, 5 जी, 6 जी, 7 जी संचार, नक्षत्रों के भीतर अंतर-उपग्रह संचार और डेटा भंडारण और प्रबंधन जैसे अनुप्रयोगों पर ज्यादा है।

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ड्रोन वायु (Dron Vayu Pvt. Ltd.) के संस्थापक और प्रबंध निदेशक मनीष कुकरेती (Manish Kukreti) ने कहा कि "हमने द्रोण वायु में उन्नत तकनीकी विशेषज्ञता और मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए IIT-M PTF से संपर्क किया था। इससे भारत में अंतरिक्ष कार्यक्रम के एक पूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को उपलब्ध करने के हमारे प्रयास को मजबूत करने के लिए इस संघ का पहला विचार अंकुरित हुआ। तब से हम इस कंसोर्टियम का हिस्सा बनने के इच्छुक थे। यह पूरी तरह से हमारे सभी ग्राहकों के लिए स्पेस में बेस्ट सेवा देने की हमारी गहरी प्रतिबद्धता के अनुरूप है।" 

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