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आज अष्टमी को की जा रही महागौरी की पूजा, प्रेम की देवी हैं मां महागौरी

मां महागौरी ने कठिन तप कर गौर वर्ण प्राप्त किया था और इनके रंग की उपमा शंख, चन्द्र देव और कन्द के फूल से की जाती है। मां के हाथ में दुर्गा शक्ति का प्रतीक त्रिशूल है...

फोटो- सौजन्य ट्विटर

नई दिल्ली: मां दुर्गा को समर्पित नवरात्रि का त्यौहार अब समापन की ओर है। आज 13 अक्टूबर को नवरात्रि की अष्टमी मनाई जा रही है। इस दिन मां गौरी की पूजा की  जाती है। मां  गौरी का रंग अत्यन्त गोरा है। इसलिए मां को महागौरी के नाम से जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार मां महागौरी ने कठिन तप कर गौर वर्ण प्राप्त किया था और इनके रंग की उपमा शंख, चन्द्र देव और कन्द के फूल से की जाती है। मां के हाथ में दुर्गा शक्ति का प्रतीक त्रिशूल है तो दूसरे हाथ में भगवान शिव का प्रतीक डमरू है। अपने सांसारिक रूप में महागौरी उज्ज्वल, कोमल, श्वेत वर्णी तथा श्वेत वस्त्रधारी और चतुर्भुजा हैं। मां का वाहन बैल है। मान्यता के अनुसार मां गौरी की पूजा करने से भक्तों को उनकी कृपा प्राप्त होती है और बिगड़े काम भी पूरे हो जाते हैं। 

इस दिन कई लोग अपने घरों में हवन करते हैं। माता की पूजा करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। बता दें कि इस दिन कई जगह शस्त्रों का पूजन किया जाता है। कई लोग इस दिन कुंवारी कन्याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर पूजा करते हैं और कन्याओं को भोजन कराते हैं। कहा जाता है मां को शहद बहुत पसंद है और उन्हें शहद का भोग लगाना चाहिए।

नवरात्रि अष्टमी शुभ मुहूर्त: 

अमृत काल- 03:23 AM से 04:56 AM तक और ब्रह्म मुहूर्त– 04:41 AM से 05:31 AM तक है।

दिन के मुहूर्त इस प्रकार हैं:

लाभ – 06:26 AM से 07:53 PM
अमृत – 07:53 AM से 09:20 PM
शुभ – 10:46 AM से 12:13 PM
लाभ – 16:32 AM से 17:59 PM

ऐसे करें पूजन:

अष्टमी के दिन सबसे पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद घर के मंदिर में लकड़ी की चौक पर महागौरी की प्रतिमा स्थापित करें। मां के आगे दीपक जलाएं और फल, फूल अर्पित करें। मां की आरती के बाद कन्या पूजन करें। 

आज महाअष्टमी के दिन देवी दुर्गा के महागौरी  के निमित्त उपवास किया जाता है। लेकिन धर्मशास्त्र का इतिहास चतुर्थ भाग के पृष्ठ- 67 पर चर्चा में ये उल्लेख भी मिलता है कि पुत्रवान व्रती इस दिन उपवास नहीं करता। साथ ही वह नवमी तिथि को पारण न करके अष्टमी को ही व्रत का पारण कर लेता है।

अष्टमी पर इन मंत्रों से करें मां महागौरी का जाप -

1. श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचि:।
महागौरी शुभं दद्यान्त्र महादेव प्रमोददो।।

2. या देवी सर्वभूतेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

3. ओम महागौरिये: नम:।

मां महागौरी की आरती:

जय महागौरी जगत की माया ।
जय उमा भवानी जय महामाया ॥
हरिद्वार कनखल के पासा ।
महागौरी तेरा वहा निवास ॥
चंदेर्काली और ममता अम्बे
जय शक्ति जय जय मां जगदम्बे ॥
भीमा देवी विमला माता
कोशकी देवी जग विखियाता ॥
हिमाचल के घर गोरी रूप तेरा
महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा ॥
सती "सत" हवं कुंड मै था जलाया
उसी धुएं ने रूप काली बनाया ॥
बना धर्म सिंह जो सवारी मै आया
तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया ॥
तभी मां ने महागौरी नाम पाया
शरण आने वाले का संकट मिटाया ॥
शनिवार को तेरी पूजा जो करता
माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता ॥
भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो।
महागौरी माँ तेरी हरदम ही जय हो ॥

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