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काबुल में बिजली गुल, तालिबान ने बनाया तकनीकी खराबी का बहाना

ऐसी सूचना मिल रही है कि अगर तालिबान ने मध्य एशिया के देशों के बिजली के बकाए का भुगतान नहीं किया तो आने वाले जाड़े में काबुल को बिजली मिलना बंद हो सकता है।

काबुल में बिजली गुल

नई दिल्ली:(सरफराज़ सैफ़ी) अफगानिस्तान की राजधानी काबुल सहित देश के कई राज्यों में बिजली का संकट गहरा गया है। अफगानिस्तान की सरकारी बिजली कंपनी ‘दा अफगानिस्तान ब्रेशना शेरकत’ (DABS)  ने बुधवार को बताया कि इसका कारण तकनीकी कारणों से पड़ोसी देश उज्बेकिस्तान से बिजली की आपूर्ति में बाधा आना है। ये खबर ऐसे समय पर आई है जब इस बात की चर्चा जोरों पर है कि मध्य एशिया के देशों का 6.2 करोड़ डॉलर का बकाया बिजली बिल चुकाने के लिए  DABS अपनी संपत्तियों को बेचने की तैयारी कर रही है। 

DABS ने हालांकि एक बयान में कहा कि बघलान राज्य में एक बड़ी तकनीकी खराबी के कारण राजधानी काबुल में बिजली की सप्लाई बंद है। DABS के कर्मचारी इस गड़बड़ी को दूर करने में लगे हैं। जल्द ही काबुल में बिजली की सप्लाई बहाल हो जाएगी। 

ऐसी सूचना मिल रही है कि अगर तालिबान ने मध्य एशिया के देशों के बिजली के बकाए का भुगतान नहीं किया तो आने वाले जाड़े में काबुल को बिजली मिलना बंद हो सकता है। अफगानिस्तान की बिजली खपत का 80 फीसद हिस्सा मध्य एशिया के पड़ोसी देशों तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान से आता है। तालिबान ने अगस्त में अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। उसके बाद से उसने बिजली देने वाले देशों को भुगतान नहीं किया है। जिससे उनका बकाया बढ़ता जा रहा है। 

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इस महीने के शुरू में DABS के पूर्व अध्यक्ष दाउद नूरजई ने कहा था कि अगर तालिबान मध्य एशिया के बिजली सप्लाई करने वाले देशों के बकाए का भुगतान नहीं करता है तो आने वाले जाड़े में काबुल को मिलने वाली बिजली बंद हो सकती है। जबकि DABS के कार्यवाहक प्रमुख सफीउल्ला अहमदजई का कहना है कि मध्य एशिया के देशों के बकाया बिजली बिल का भुगातन करने के लिए एक योजना तैयार की जा रही है।   
 

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